सतना जिला अस्पताल में एनेस्थीसिया मशीनों की लगातार खराबी से मरीजों की सुरक्षा पर सवाल उठे हैं। विशेषज्ञों ने चेताया कि स्थायी समाधान नहीं हुआ तो रूटीन सर्जरी प्रभावित होकर स्वास्थ्य सेवाएं संकट में पड़ सकती हैं।
सतना जिला अस्पताल में एनस्थीसिया विशेषज्ञों की भारी कमी से नियमित ऑपरेशन प्रभावित होने लगे हैं। आपातकालीन सेवाओं पर दबाव बढ़ा है, जबकि मेडिकल कॉलेज ने आउटसोर्स विशेषज्ञों की सेवाएं दोबारा शुरू करने की मांग की है।
भोपाल के जेपी अस्पताल में जनरेटर में डीजल न होने के कारण 1 घंटे से अधिक समय तक बिजली गुल रही। ऑपरेशन थिएटर में टॉर्च की रोशनी में इलाज करना पड़ा और 8 मरीजों की डायलिसिस रुक गई। जानें इस गंभीर लापरवाही पर क्या हुई कार्रवाई।















